Wednesday, December 22, 2021

Me Time ....


 Sometimes we need,

A little courage and dare,

Some self love and care .

We are always bound by duty ,

But sometimes we need to

 make ourself priority.

A little me time.,

Will not cost you a dime .

It will refill your cup ,

When you check with self "what's up" .

Time and again , 

With life you need to bargain,

A little something for self,

And it's all ok ,you got to tell .

-Noopur Agarwal 

तन्हाई....

 


 तन्हाई हमें क्या कुछ सीखा जाती है,

 इतनी ख़ामोशी में भी कितना कुछ कह जाती है।

अपनों से दूर होने का अहसास चुभाती है,

मगर साथ ही उन्हें और करीब कर जाती है।

खुद को खुदी से भी मिलवाती है,

इस चुप्पी में अंतर्मन का शोर सुना जाती है।

कई बार यह तन्हाई सपने नए बुनवाती है,

कई नई उड़ानों के पंख लगा जाती है।

कभी कभी यह जीवन मंथन कराती है,

इल्म है की कितना कुछ दिखा जाती है।

मेरी तन्हाई तो अक्सर मुझसे लिखवाती है,

राज कई दिल के यूं बयां करा जाती है।

नूपुर अग्रवाल

ज़रा सी रोशनी....

 


ज़रा सी रोशनी भी,

कारगर हो जाती है,

अंधेरे से जीवन में ,

नया उल्लास भर जाती है।

भोर की किरण भी,

फिर जिंदा कर जाती है,

नव जीवन , नव चेतन का ,

प्रवाह कर जाती है।

एक टिमटिमाती लौ,

दहलीज को शोभित कर जाती है,

रहता है यहां कोई,

यह पता बताती है।

किसी की सीख,

कभी यूं छू जाती है,

एक नए जीवन की ओर,

अग्रसर कर जाती है।

- नूपुर अग्रवाल 

Tuesday, December 21, 2021

यह सफर....




अनजान है यह डगर,

चलने का है इरादा मगर ।

एक झूठ ही सही,

है यह वक़्त की चाल नई।

चल पड़े हैं इस सफर,

पार करते हुए कई भंवर।

रहना ना तुम निराश,

लेगें हम मंजिल तलाश ।

भटकेगे कभी,डगमगाऐगे कुछ,

सहरा मिलेगा ,कभी मिलेगा कच्छ ।

हो ही जाएगा पार यह सफर,

मन में हो विश्वास और ललक ।

- नूपुर अग्रवाल 

Let's Jive ....

 


Life teaches us 

And throws us under the bus,

Still we survive ,

And happy to be alive.

We live even in a tide,

With wounds , that we hide,

Rebooting our lives ,

And may be one day thrive.

It's just a journey, in my eye,

Whether you smile or sigh,

One day to end we all will arrive,

Till then let's gracefully jive.

-Noopur Agarwal

Spread your wings


 

I no longer miss,

That and this,

The smaller things,

Since now, I have got wings.

Now it's my flight,

I rein the horses tight,

It's my direction, 

And my inflection.

The small things do not bother,

Nor do they any more smother, 

I now fly high,

And see from a bird's eye.

- Noopur Agarwal 

Thursday, July 1, 2021

आज पाया खुद को...

 



बंद पन्नों से है, जज्बात मेरे,

आज खोल दी है यह किताब,

और सरेआम आम रिस्ते हैं ,यह घाव मेरे


बहुत मुद्दत के बाद , आज पाया खुदको

आज ना रकीब ना हमसाया पाया तुझको।

में तो खुद में ही समाता चला गया,

हर शह, हर दीन, हर शख्स से रिश्ता छुड़ाता चला गया,

मगर यह क्या , फिर अपने अंदर भी बस पाया इनको।


जात ना थी , जज्बात ना थे,

आस ना थी , अरमान ना थे,

फिर भी इस बेहाली में ढूंढ़ता फिरा मै,

बैठा था छुप के मेरे ही अंदर,

दर दर फिरा , मगर देख ना पाया जिसको।


धरती को गले लगाया,

दुआ में हाथों को आसमान से मिलाया,

दरिया में ली डुबकी और अश्कों की बारिश में नहाया ,

किये कोसों तय , उसे मिलने के लिए,

आखिर मेरे भी इंतजार में बैठा पाया उसको,

मुद्दातों बाद , आज पाया खुद को। 

- नूपुर अग्रवाल